वक़्त का माजरा कुछ यूं है,
पास रह के भी जानें क्यों दूर है,
मोहब्बत की सारी हदें पार कर दी मैंने,
यूं ही नहीं हुआ उन्हे खुद पे गुरूर है।
प्यार करती हो तो प्यार जताओ तो जानूं, मेरी खुशी के खातिर सब कुछ लुटाओ टू जानूं, बिन कहे दिल की बात समझ जाओ तो जानूं, ये जिस्मों से रिझाना ...
Wah wah
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