अय खुदा तेरा ये कैसा है करम,
क्यों बनाया तूने दुनिया को इतना बेरहम,
लोग दर्द देकर भी जाने कैसे खुश रहते है,
ज़ख्म देकर उन जख्मों में नमक भरते हैं।
प्यार करती हो तो प्यार जताओ तो जानूं, मेरी खुशी के खातिर सब कुछ लुटाओ टू जानूं, बिन कहे दिल की बात समझ जाओ तो जानूं, ये जिस्मों से रिझाना ...
Wahh
ReplyDelete