आज फिर मौसम बेरुखी सी हो गई है,
उसकी यादें भी अब सुखी सी हो गई है,
थोड़ी सी बरसात हो जाती तो चैन आ जाता,
मेरी रूह भी अब रूखी सी हो गई है।
प्यार करती हो तो प्यार जताओ तो जानूं, मेरी खुशी के खातिर सब कुछ लुटाओ टू जानूं, बिन कहे दिल की बात समझ जाओ तो जानूं, ये जिस्मों से रिझाना ...
Superb
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