ये सावन की बूंदे है बारिश का पानी,
मेरे दिल का दरिया है वो झील सी रानी,
चलो आज भीगें इस नदियां में डूबे,
एक दूजे की बाहों में कुछ यूं हम खो के,
मोहब्बत में सारी हदें हम तोड़े,
नहीं है ठिकाना जहां में कहीं भी,
तेरे दिल के घर में बसेरा बना लूं,
आ समा मेरे दिल में मैं जन्मों के खातिर,
मेरी जान तुझको मैं अपना बना लूं।

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