Sunday, November 7, 2021

Marte Hazaron Mein Hain...


 

मरते हजारों में हैं

 गिनतियां बस हजार में होते हैं,

ये बेदर्द दुनियां है जनाब

यहां बिन गुस्ताखी ही हमजैसों को

 गहरे जख्म दिए जाते हैं।

Friday, November 5, 2021

Hilate Ho Ladkhadate Ho...


 


हिलते हो लड़खड़ाते हो,
कभी इधर तो कभी उधर मंडराते हो,
उधर की बातें इधर और,
इधर की बातें उधर करते हो,
हमने तो सुई सी भी तकलीफ नहीं दी,
ये तू अच्छे से जानती है,
फिर भी क्या अच्छा बदनाम किया तुमने,
जैसे सौ कातिलों सा बरताओ किया हो हमने