समझती है ना समझ भी बनती है,
नफ़रत भी करती है हसरत भी रखती है,
सिर्फ मतलब की बातें मतलब से करती है,
हम तो है उनके आशिक़ उनकी हर गलतियों पे मरते हैं।
प्यार करती हो तो प्यार जताओ तो जानूं, मेरी खुशी के खातिर सब कुछ लुटाओ टू जानूं, बिन कहे दिल की बात समझ जाओ तो जानूं, ये जिस्मों से रिझाना ...
Ek dam perfect bro
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