तेरी बेवफाई का ग़म लेकर क्यों रोऊं,
तू खुश है दिल तोड़ कर तो खुश क्यों ना होऊं,
तेरे दिए ज़ख्मों पे मरहम क्यों ना भरूं,
तू कर गई मुझे तन्हा तो मैं तन्हा क्यों रहूं।
प्यार करती हो तो प्यार जताओ तो जानूं, मेरी खुशी के खातिर सब कुछ लुटाओ टू जानूं, बिन कहे दिल की बात समझ जाओ तो जानूं, ये जिस्मों से रिझाना ...
👍👍👌
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