मरते हजारों में हैं
गिनतियां बस हजार में होते हैं,
ये बेदर्द दुनियां है जनाब
यहां बिन गुस्ताखी ही हमजैसों को
गहरे जख्म दिए जाते हैं।
मरते हजारों में हैं
गिनतियां बस हजार में होते हैं,
ये बेदर्द दुनियां है जनाब
यहां बिन गुस्ताखी ही हमजैसों को
गहरे जख्म दिए जाते हैं।
प्यार करती हो तो प्यार जताओ तो जानूं, मेरी खुशी के खातिर सब कुछ लुटाओ टू जानूं, बिन कहे दिल की बात समझ जाओ तो जानूं, ये जिस्मों से रिझाना ...
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