हम क्या है ये बस हम जानते है,
ये बातें तुम्हे समझाई नही जा सकती,
तुम्हारी अहम तुमसे छुड़ाई जा सकती है,
वक्त की मार से तुम्हे बचाई नही जा सकती है।
हम क्या है ये बस हम जानते है,
ये बातें तुम्हे समझाई नही जा सकती,
तुम्हारी अहम तुमसे छुड़ाई जा सकती है,
वक्त की मार से तुम्हे बचाई नही जा सकती है।
वक्त बदल रहा है,
किरदार बदल रहे हैं,
मौसम की तरह लोगो के
यहां ईमान बदल रहे हैं।
कभी फूल झड़ रहे हैं,
कभी लोर गिर रहे हैं,
कभी उसी जुबान से
कड़वे वाक् बह रहे हैं।
वक्त बदल रहा है,
विचार बदल रहे है,
यहां ईमानदारी को भी
साक्ष्य से माप कर रहे हैं।
इस दुनिया से लोग
सच्चाई का नास कर रहे है।
वक्त बदल रहा है,
किरदार बदल रहे है।
मरते हजारों में हैं
गिनतियां बस हजार में होते हैं,
ये बेदर्द दुनियां है जनाब
यहां बिन गुस्ताखी ही हमजैसों को
गहरे जख्म दिए जाते हैं।
हिलते हो लड़खड़ाते हो,
कभी इधर तो कभी उधर मंडराते हो,
उधर की बातें इधर और,
इधर की बातें उधर करते हो,
हमने तो सुई सी भी तकलीफ नहीं दी,
ये तू अच्छे से जानती है,
फिर भी क्या अच्छा बदनाम किया तुमने,
जैसे सौ कातिलों सा बरताओ किया हो हमने।
जिंदगी एक सुहाना सफर है
इसे हमसफर बना ले,
मौत तक कोई नही देने वाला साथ
इस वक्त को ही खुद का रकीब बना ले।
जिंदगी के सफर में हमसफ़र कितने होंगे
यह हम तय करते हैं,
इस सफर में दफन कितने होंगे
यह रब तय करते हैं।
नफरत खुद से नही खुद की सोच से करो
जिंदगी संघर्ष कर के जीने के लिए मिली है
ना की हार कर खुद को मिटाने के लिए
खुशियां सुकून उसे ही मिलती है जो
तमाम रुकावटों तकलीफों से लड़कर
बिना रुके आगे बढ़ता रहता हैै।

जिंदगी में प्यार मोहब्बत धोखा फरेब
दर्द तकलीफ ये तो मिलते ही रहेंगे,
इसका ये अर्थ नही की हम गम में डूब कर
जिंदगी से लड़कर जीना छोड़ दें।
आज वो भरम भी तोड़ दिया मैने
जो पाल रखा था तुमने,
देख अब मैं किसी और का होने जा रहा हु
जो कभी सोचा नहीं था तुमने,
मेरे विश्वास को जो यूं चकना चूर कर दिया था,
ले वो यकीन भी आज तोड़ दिया
जो खुद से ज्यादा किया था तुमने।
ना कर
ऐसी बेवफा के लिए
खुद
से बेवफाई मेरे दोस्त,
कुछ
नहीं रखा इन बेग़ैरती बेहयायों में,
ये सिर्फ तुम्हारी ज़िन्दगी दोज़ख बनती है,
इस लिए,
ऐसी खूबसूरत रंगमंचो से अच्छा है
खुद की रंगोली बना लो ...
प्यार करती हो तो प्यार जताओ तो जानूं, मेरी खुशी के खातिर सब कुछ लुटाओ टू जानूं, बिन कहे दिल की बात समझ जाओ तो जानूं, ये जिस्मों से रिझाना ...