गुलाब से नाजुक होठ ये तेरे
मेरे होठों से चूमने की जिद्द करता है,
मख्खन से गुलाबी गाल ये तेरे
मेरे हथेलियों में समाने की हठ करता है,
दे दे इजाजत छूने की मुझे तू
तेरी मखमल से बदन पर चांद तारे
सजाने को दिल करता है।
प्यार करती हो तो प्यार जताओ तो जानूं, मेरी खुशी के खातिर सब कुछ लुटाओ टू जानूं, बिन कहे दिल की बात समझ जाओ तो जानूं, ये जिस्मों से रिझाना ...
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