कितनी बेताबी है तुझसे मिलने की क्या बताऊं,
कितनी तड़प है तुझे बाहों में भरने की क्या बताऊं,
तेरी चाहत ने मुझे किया है कितना पागल मैं क्या बताऊं,
जी करता है उठाऊं साइकल तेरे पास चला आऊं या मर ही जाऊं।
प्यार करती हो तो प्यार जताओ तो जानूं, मेरी खुशी के खातिर सब कुछ लुटाओ टू जानूं, बिन कहे दिल की बात समझ जाओ तो जानूं, ये जिस्मों से रिझाना ...
Gajab
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