Wednesday, January 6, 2021

Gam-E-Tashvir Ko Batana...


 


गम-ए-तस्वीर को बांटना मैंने छोड़ दिया है,
किसी को तिनका सा फर्क नहीं पड़ता कितना टूटा हूं,
कोई नहीं इस दुनिया में जो उन यादों को जला सके,
जो मिला सिर्फ दर्दों में इजाफा करता गया।

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