दिन तो काम में रात खुली आंखों में
चलती तेरे सपनों में गुजर जाती है,
अब वो पहले वाली बात कहा जो रात
तेरी बाहों में सो के निकल जाती थी।
प्यार करती हो तो प्यार जताओ तो जानूं, मेरी खुशी के खातिर सब कुछ लुटाओ टू जानूं, बिन कहे दिल की बात समझ जाओ तो जानूं, ये जिस्मों से रिझाना ...
0 Comments:
Post a Comment
Thank you for comments.