Saturday, July 25, 2020

Apani Likhi Har Kavita Ko....







अपनी लिखी हर कविता को सहेज रखूंगा,
तू समझे मेरे जज्बातों को वो नब्ज लिखूंगा,
मेरे कलम की है जो लिखावट वो जुबान से ना बोलूंगा,
गर ना हो तेरे दिल में मेरी चाहत तो ये राज़ ना खोलूंगा।

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