Saturday, August 1, 2020

Is Duniya Ke Rashmon Se...







इस दुनियां के रश्मों से आजिज हो गया हूं,
हर एक के कर्मो का साजिश ही गया हूं,
चैन की नींद भी नहीं आती अब,
जबसे दुनियां के सच्चाई से वाक़िफ हो गया हूं।

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