आज बदला बदला सा मिजाज़ था उनका,
मेरे दिल को छुआ आज हाथ था उनका,
कुछ तो राज था इस मुस्कान के पीछे,
एक बार फिर ज़ख्म देने का शायद खयाल था उनका।
प्यार करती हो तो प्यार जताओ तो जानूं, मेरी खुशी के खातिर सब कुछ लुटाओ टू जानूं, बिन कहे दिल की बात समझ जाओ तो जानूं, ये जिस्मों से रिझाना ...
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