तेरे होंठ अपने होंठो से कुछ इस तरह सिल दूंगा,
तेरी ये जो बक़ बक करने की आदत है ना
पूरी तरह बंद कर दूंगा।
प्यार करती हो तो प्यार जताओ तो जानूं, मेरी खुशी के खातिर सब कुछ लुटाओ टू जानूं, बिन कहे दिल की बात समझ जाओ तो जानूं, ये जिस्मों से रिझाना ...
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