गिरगिट के रंग बस दो - चार हैं,
इंसानों के रंग हजार हैं,
ना जोड़ना कोई दिल किसी से,
ये दुनियां बस मतलबियों का बाज़ार है।
प्यार करती हो तो प्यार जताओ तो जानूं, मेरी खुशी के खातिर सब कुछ लुटाओ टू जानूं, बिन कहे दिल की बात समझ जाओ तो जानूं, ये जिस्मों से रिझाना ...
Superb👍👍👍👍
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