चाहती हो खुद से भी ज्यादा,
पर जाने क्यों दिल को तुम समझाती हो,
पाना भी नहीं चाहती हो मुझे,
फिर ना जाने खोने से क्यों दर जाती हो।
प्यार करती हो तो प्यार जताओ तो जानूं, मेरी खुशी के खातिर सब कुछ लुटाओ टू जानूं, बिन कहे दिल की बात समझ जाओ तो जानूं, ये जिस्मों से रिझाना ...
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