आज कल उड़ते उड़ते एक ख्याल आ रहा है,
छू लूं तेरी रूह को ये पयाम आ रहा है,
सोते जागते उठते बैठते हर जगह सिर्फ तू ही तू,
तेरे सिवा और ना कुछ नजर आ रहा है।
आज कल उड़ते उड़ते एक ख्याल आ रहा है,
छू लूं तेरी रूह को ये पयाम आ रहा है,
सोते जागते उठते बैठते हर जगह सिर्फ तू ही तू,
तेरे सिवा और ना कुछ नजर आ रहा है।
प्यार करती हो तो प्यार जताओ तो जानूं, मेरी खुशी के खातिर सब कुछ लुटाओ टू जानूं, बिन कहे दिल की बात समझ जाओ तो जानूं, ये जिस्मों से रिझाना ...
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