वैसे तो ये वर्ष ना जाने कितने सपने तोड़ दिए,
फिर भी बहुत रंगीन रहा ये साल,
हर शख्स ने अपने असली रंग दिखा दिए।
प्यार करती हो तो प्यार जताओ तो जानूं, मेरी खुशी के खातिर सब कुछ लुटाओ टू जानूं, बिन कहे दिल की बात समझ जाओ तो जानूं, ये जिस्मों से रिझाना ...
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