सोचता हूं ये हम कहा आ गए
फरेबो के बस्ती में दुनिया बसाने आ गए
जहा है चारों तरफ सिर्फ दिखावे का प्यार
वहा हम अपनी किस्मत चमकाने आ गए।
प्यार करती हो तो प्यार जताओ तो जानूं, मेरी खुशी के खातिर सब कुछ लुटाओ टू जानूं, बिन कहे दिल की बात समझ जाओ तो जानूं, ये जिस्मों से रिझाना ...
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